Tuesday, July 25, 2017

Some Important Input From Facebook

साइबर सुरक्षा के कुछ उपयोगी जानकारी-
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1- व्हाट्सअॅप की

🔧सेटिंग्ज के अंदर "media auto download " पर कभी भी टिक करें.
2- व्हाट्सअॅप में 'privacy' ऑप्शन में
"last seen, profile photo, status" इस ऑप्शन में'every one' कभी रखें ,
केवल "my contact" यही
ऑप्शन रखें.
3- camera setting में 'GPS location info' हे option को हमेशा off रखें.
4- Facebook account में जन्म तारीख इस जानकारी वाले option पर only me ऐसा ही रखें, इसे public करें .
5- Gmail, Facebook, Net Banking करते समय कभी remember password इस optionपर कभी भूल कर भी क्लिक करें.
6-card में पीछे की तरफ online खरीदी के लिए दिए गए pin number को मिटा दें. उसे याद कर लें.
7-Internet पर account open करते समय सभी प्रश्नों के सही सही उत्तर दें अधिक शब्द वाले उत्तर update करते रहें।.
ऐसे प्राप्त करते हैं पिन नम्बर :-
1-Hacker's Facebook से नाम और जन्म तारीख प्राप्त कर लेते है?
2-इस जानकारी को इनकम टैक्स विभाग की साइट पर जाकर update करते हैं और वहां से pancard मोबाईल नम्बर प्राप्त कर लेते हैं.
3-उसके बाद duplicate pancard बनवा लेते है?
4-फिर police ठाने में mobile गुमने/ चोरी की सूचना देकर और duplicate pancard लेजाकर mobile company से आपके number का simcard निकलवा लेते हैं.
5-इसके बाद
internet banking के माध्यम से आपके बैंक account में छेडछाड करने का प्रयास करते हैं.
बैंक की साइट पर जाकर forgot my password इस option पर जाते हैं.
6- आगे के option आसानी से पार करते हुए simcard पर Internet banking का pin प्राप्त करलेते हैं.

Negative Thoughts are as good as poison 
अपनी सोच को सदैव सकारात्मक रखें और स्वस्थ रहें....
इस बात को अपने मन में उतार लें ..
जब एक कैदी को फासी की सजा सुनाई गई तो कुछ वैज्ञानिको ने सोचा कि 
क्यों ना इस कैदी पर कूछ प्रयोग किए जाए  
तब कैदी को बताया गया कि हम तुझे फ़ासी देकर नहीं परन्तु 
जहरीले कोबरा साप से डसाकर मारेंगेऔर उसके सामने बड़ा सा जहरिला साप ले आने के बाद कैदी की आँखे बंद करके कुर्सी से बाँधा गया.
अब बंद आँखों वाले कैदी को सांप नहीं बल्की दो सेफ्टी पिन्स चुभाई गईवैज्ञानिको ने देखा कि कैदी की कुछ सेकेंड्स में ही मौत हो गई.
कैदी के पोस्टमार्टम के बाद पाया गया की कैदी के शरीर में भी साप के जहर के समान ही जहर हैलेकिन ये जहर कहा से आया जिसने उस कैदी की जान ले ली ?
मित्रोवो जहर उसके खुद के शरीर ने ही सदमे में उत्पन्न किया था  
हमारे हर संकल्प से पोजिटिव या नेगेटिव एनर्जी उत्पन्न होती है 
और वो हमारे शरीर में उसके अनुसार Harmons उत्पन्न करती है  
75 % बीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोच से उत्पन्न ऊर्जा ही है 

आज इंसान ही अपनी गलत सोच से भस्मासुर बन खुद का विनाश कर रहा है  इसीलिए अपनी सोच को सदैव सकारात्मक रखें और स्वस्थ रहें

Our forefathers And Today's Generation

*वो कुँए का मैला कुचला पानीपिके भी  100 वर्ष जी लेते थे*

*हम  RO का शुद्ध पानी पीकर   40 वर्ष में बुढे हो रहे है।*

*वो घाणी का मैला सा तैल खाके  बुढ़ापे में भी दौड़~मेहनत कर लेते थे।*
*हम डबल~ट्रिपल फ़िल्टर तैल*खाकर जवानी में भी हाँफ जाते* है।*


*वो डळे वाला लूण खाकेबीमार ना पड़ते थे।**हम आयोडीन युक्त खाके
*हाई~लो बीपी लिये पड़े है।*
वो निम~बबूल कोयला नमक*से दाँत चमकाते थे और 80 वर्ष तक भी चब्बा~चब्बा कर खाते* थे।*

*और हम कॉलगेट सुरक्षा वाले  रोज डेंटिस्ट के चक्कर लगाते है ।।*

*वो नाड़ी पकड़ कररोग बता देते थे और*
*आज जाँचे कराने पर भीरोग नहीं जान पाते है।*

*वो 7~8 बच्चे जन्मने वाली माँ   80 वर्ष की अवस्था में भीघर~खेत का काम करती थी।*
*आज 1महीने से डॉक्टर की  देख~रेख में रहते है फिर भी बच्चे पेट फाड़ कर जन्मते है।।*

*पहले काळे गुड़ की मिठाइयांठोक ठोक के खा जाते थे।*
*आजकल तो खाने से पहले हीसुगर की बीमारी हो जाती है।*

*पहले बुजर्गो के भी**गोडे मोढे नहीं दुखते थे।*
*जवान भी घुटनो और कन्धों*के दर्द से कहराता है *

*और भी बहुत सी समस्याये है  फिर भी लोग इसे विज्ञान का युग कहते है,  समझ नहीं आता ये विज्ञान का युग है या अज्ञान का 


Free Jio Mobile, Free Data , Free Voice Call, Free SMS, Free TV, Free movie , Free Audio songs and what not.  
Still some people are jealous of Ambani, They say that Ambani is looting people of India. 
They were happy when they were paying a rupee or more for talking per minute or paying for sending SMS or paying hundreds of rupees for 1 GB data to other telecom service providers. 
To cover this habit of accusing others for every good or bad action , one fantastic message appeared on Facebook, I am simply reproducing the same here in below.


65 साल से कांग्रेस की गुलामी करते करते  लोगों की मानसिकता भी गुलाम हो गई है॥
JiO ने डाटा फ्री किया सब ने फ्री साल भर मजा लिया एक GB डाटा को 28 दिन बचा बचाकर चलाने वाले
एक एक दिन में चार चार GB डाटा युज करने का रिकॉर्ड बना डाला॥अब कह रहे हैं अम्बानी देश की जनता को
murkh
बना रहा है और देश को लूट रहा है कभी कोई कहता है Jio में नेटवर्क नहीं रहता तो नेट धीरे-धीरे चलता है
अरे भाईयों फ्री पायें है कहकर हर कोई उसी में लगा है तो नेटवर्क समस्या तो आयेगी ही
अब 1500 में 4G मोबाइल दे रहा है तो फिर इन्हें लगने लगा है की 1500 जमा करवाकर  कई हजार करोड़ रुपया अम्बानी कमा लेगा
फिर से इनकी छाती छिलने लगी है

तो भाईयों अगर आप लोगों से अनुरोध है
आप लोगों को लगता है कि अंबानी आप लोगों का पैसा लुट रहा है
तो मत लो कोई जबरदस्ती तो है नहीं की
अंबानी आपके घर में आकर मोबाइल और डाटा आपके मुँह में ठूँस दे रहा है 



एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं ? 

वैज्ञानिक कारण :--

एक दिन डिस्कवरी पर जेनेटिक बीमारियों से सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम देख रहा था, उस प्रोग्राम में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो है "सेपरेशन ऑफ़ जींस" मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नही करना चाहिए क्योकि नजदीकी रिश्तेदारों में जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता और जींस लिंकेज्ड बीमारियाँ जैसे हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और एल्बोनिज्म होने की १००% चांस होती है। फिर मुझे बहुत ख़ुशी हुई जब उसी कार्यक्रम में ये
दिखाया गया की आखिर हिन्दूधर्म में हजारों सालों पहले जींस और डीएनए के बारे में कैसे लिखा गया है ? 

हिंदुत्व में कुल सात गोत्र होते है और एक गोत्र के लोग आपस में शादी नही कर सकते ताकि जींस सेपरेट (विभाजित) रहें। उस वैज्ञानिक नेकहा की आज पूरे विश्व
को मानना पड़ेगा की हिन्दूधर्म ही विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जो "विज्ञान पर आधारित" है !

हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क:

1- कान छिदवाने की परम्परा: 

भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क:--
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।

2-: माथे पर कुमकुम/तिलक

महिलाएं एवं पुरुष माथे पर कुमकुम या तिलक लगाते हैं। 
वैज्ञानिक तर्क- आंखों के बीच में माथे तक एक नस जाती है। कुमकुम या तिलक लगाने से उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है, तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है। इससे चेहरे की कोश‍िकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता है। 

3- : जमीन पर बैठकर भोजन

भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है। 
वैज्ञानिक तर्क- पलती मारकर बैठना एक प्रकार का योग आसन है। इस पोजीशन में बैठने से मस्त‍िष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है, कि वह भोजन के लिये तैयार हो जाये।

4- हाथ जोड़कर नमस्ते करना

जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जब सभी उंगलियों के शीर्ष एक दूसरे के संपर्क में आते हैं और उन पर दबाव पड़ता है। एक्यूप्रेशर के कारण उसका सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है, ताकि सामने वाले व्यक्त‍ि को हम लंबे समय तक याद रख सकें। दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने (पश्च‍िमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते हैं तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते। अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।

5-: भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से :--

जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है। 
वैज्ञानिक तर्क- तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं। इससे पाचन तंत्र ठीक तरह से संचालित होता है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है। इससे पेट में जलन नहीं होती है।

6- पीपल की पूजा :--

तमाम लोग सोचते हैं कि पीपल की पूजा करने से भूत-प्रेत दूर भागते हैं। 
वैज्ञानिक तर्क- इसकी पूजा इसलिये की जाती है, ताकि इस पेड़ के प्रति लोगों का सम्मान बढ़े और उसे काटें नहीं। पीपल एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन प्रवाहित करता है। 

7. दक्ष‍िण की तरफ सिर करके सोना :--

दक्ष‍िण की तरफ कोई पैर करके सोता है, तो लोग कहते हैं कि बुरे सपने आयेंगे, भूत प्रेत का साया आ जायेगा, आदि। इसलिये उत्तर की ओर पैर करके सोयें। 
वैज्ञानिक तर्क- जब हम उत्तर की ओर सिर करके सोते हैं, तब हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है। शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा दिमाग की ओर संचारित होने लगता है। इससे अलजाइमर, परकिंसन, या दिमाग संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है।

8-सूर्य नमस्कार

हिंदुओं में सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए नमस्कार करने की परम्परा है। 
वैज्ञानिक तर्क- पानी के बीच से आने वाली सूर्य की किरणें जब आंखों में पहुंचती हैं, तब हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है।

9-सिर पर चोटी

हिंदू धर्म में ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे। आज भी लोग रखते हैं। 
वैज्ञानिक तर्क- जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है उस जगह पर दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं। इससे दिमाग स्थ‍िर रहता है और इंसान को क्रोध नहीं आता, सोचने की क्षमता बढ़ती है।

10-व्रत रखना

कोई भी पूजा-पाठ या त्योहार होता है, तो लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आयुर्वेद के अनुसार व्रत करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और फलाहार लेने से शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है, यानी उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से कैंसर का खतरा कम होता है। हृदय संबंधी रोगों, मधुमेह, आदि रोग भी जल्दी नहीं लगते।

11-चरण स्पर्श करना

हिंदू मान्यता के अनुसार जब भी आप किसी बड़े से मिलें, तो उसके चरण स्पर्श करें। यह हम बच्चों को भी सिखाते हैं, ताकि वे बड़ों का आदर करें। 
वैज्ञानिक तर्क- मस्त‍िष्क से निकलने वाली ऊर्जा हाथों और सामने वाले पैरों से होते हुए एक चक्र पूरा करती है। इसे कॉसमिक एनर्जी का प्रवाह कहते हैं। इसमें दो प्रकार से ऊर्जा का प्रवाह होता है, या तो बड़े के पैरों से होते हुए छोटे के हाथों तक या फिर छोटे के हाथों से बड़ों के पैरों तक।

12-क्यों लगाया जाता है सिंदूर

शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर लगाती हैं। 
वैज्ञानिक तर्क- सिंदूर में हल्दी, चूना और मरकरी होता है। यह मिश्रण शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करता है। चूंकि इससे यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं, इसीलिये विधवा औरतों के लिये सिंदूर लगाना वर्जित है। इससे स्ट्रेस कम होता है।

13- तुलसी के पेड़ की पूजा

तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍ि आती है। सुख शांति बनी रहती है। 

वैज्ञानिक तर्क- तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। लिहाजा अगर घर में पेड़ होगा, तो इसकी पत्त‍ियों का इस्तेमाल भी होगा और उससे बीमारियां दूर होती हैं।

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